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साहित्य अकादमी पुरस्कार 2024 से बंगाली साहित्य को बाहर किया गया

24 March, 2025
1 मिनट पढ़ने में
साहित्य अकादमी पुरस्कार 2024 से बंगाली साहित्य को बाहर किया गया
पहलूविवरण
घटनासाहित्य अकादमी पुरस्कार 2024 में बांग्ला साहित्य का बहिष्कार
खबरों में क्यों?बहिष्कार के कारण पश्चिम बंगाल के साहित्यिक हलकों में विवाद।
मुख्य बिंदु
बांग्ला साहित्य का बहिष्कार
•2024 में शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिलने के बावजूद बांग्ला साहित्य को बाहर रखा गया।
•52 वर्षों में पहली बार बांग्ला लेखकों को पुरस्कार से वंचित किया गया।
•साहित्य अकादमी ने "तकनीकी समस्याओं" को कारण बताया।
•पश्चिम बंगाल प्रजातांत्रिक लेखक कलाकार संघ ने स्पष्टीकरण मांगा।
आरटीआई आवेदन
•पत्रकार और साहित्य अकादमी के पूर्व सदस्य ने पारदर्शिता के लिए आरटीआई आवेदन दायर किया।
•आरटीआई में बांग्ला नामांकित लेखकों, निर्णायक मंडल के सदस्यों और निर्णय संबंधी दस्तावेजों का विवरण मांगा गया।
पूर्व में बहिष्कारबांग्ला साहित्य को पहले 1960, 1968 और 1973 में भी बाहर रखा गया था।
साहित्य अकादमी पुरस्कार
परिचय
•उपन्यास, कविता, निबंध और नाटक जैसी श्रेणियों में साहित्यिक योगदान को सम्मानित किया जाता है।
•ज्ञानपीठ पुरस्कार के बाद भारत का दूसरा सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान।
•इसकी स्थापना 1954 में संस्कृति मंत्रालय के तहत हुई।
पात्रता
•24 भाषाओं (22 आठवीं अनुसूची + अंग्रेजी + राजस्थानी) में लिखित कार्यों के लिए पुरस्कार।
•लेखक भारतीय नागरिक होना चाहिए।
पुरस्कार विजेताप्रदत्त सामग्री में उल्लेख नहीं है।
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