| मुख्य पहलू | विवरण |
|---|---|
| घटना | मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने न्यायिक अवसंरचना सुधार की घोषणा की |
| समिति का नाम | न्यायिक अवसंरचना सलाहकार समिति |
| उद्देश्य | न्यायालयों की अवसंरचना संबंधी कमजोरियों की पहचान करना और विकास के लिए एकीकृत रूपरेखा तैयार करना। |
| समिति प्रमुख | न्यायमूर्ति अरविंद कुमार (सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश) |
| मुख्य फोकस क्षेत्र | - अवसंरचना की कमजोरियाँ <br> - डिजिटल अंतराल <br> - मामलों के निपटान में देरी |
| अपेक्षित परिणाम | - न्यायालयों के व्यापक सुधार हेतु राष्ट्रीय रोडमैप <br> - ई-कोर्ट्स पहल में सुधार |
| सुलझाए जाने वाले प्रमुख मुद्दे | - भीड़भाड़ वाले अदालत कक्ष <br> - अपर्याप्त प्रतीक्षा क्षेत्र <br> - कमजोर डिजिटल अवसंरचना <br> - वकीलों एवं वादियों के लिए सुविधाओं की कमी <br> - प्रशासनिक अक्षमताएँ |

