| विषय | विवरण |
|---|---|
| खोज | eRASSU J0608-704014 (eRASSU J0608) नामक अति-सघन दोहरे श्वेत बौने की द्विआधारी प्रणाली की पहचान भारतीय नेतृत्व वाली अंतरराष्ट्रीय टीम ने की। |
| प्रमुख निष्कर्ष | इसकी कक्षा 4.7 × 10⁻¹¹ सेकंड प्रति सेकंड की दर से तेजी से क्षय हो रही है, जिसका कारण गुरुत्वाकर्षण तरंगों का उत्सर्जन माना गया है। |
| अवलोकन | 3.5 वर्षों तक NASA के NICER, चीन के Einstein Probe और ESA के XMM-Newton का उपयोग करके निगरानी की गई। |
| गुरुत्वाकर्षण तरंगें | भविष्य के डिटेक्टर LISA (Laser Interferometer Space Antenna, ESA; नियोजित प्रक्षेपण 2035) के लिए संभावित सत्यापन स्रोत। |
तेजी से विकसित होने वाली अति-सघन श्वेत बौना द्विआधारी प्रणाली eRASSU J0608 की खोज
24 September, 2026
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