Banner
Workflow

वैश्विक आवास संकट गहराया: संयुक्त राष्ट्र

वैश्विक आवास संकट गहराया: संयुक्त राष्ट्र
Contact Counsellor

वैश्विक आवास संकट गहराया: संयुक्त राष्ट्र

श्रेणीमुख्य निष्कर्ष
वैश्विक आवास संकट- 3.4 अरब लोग (विश्व की लगभग 40% आबादी) आवास संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। <br> - प्रमुख समस्याओं में महंगे आवास, खराब रहने की परिस्थितियाँ, अत्यधिक भीड़भाड़ और बुनियादी सेवाओं की कमी शामिल हैं।
भारत से संबंधित निष्कर्ष- प्रमुख शहरों में किफायती आवास की उपलब्धता 2018 के 52% से घटकर 2025 में 17% रह गई। <br> - प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के कारण आवास कवरेज 2010 में 0.3% से बढ़कर 2023 में 7% हो गया तथा 1.2 करोड़ (12 मिलियन) घरों को स्वीकृति मिली। <br> - अहमदाबाद स्लम नेटवर्किंग परियोजना को समुदाय-आधारित सफल उन्नयन मॉडल के रूप में उद्धृत किया गया।
संकट के प्रमुख कारण- तेज़ शहरीकरण, आय और आवास कीमतों के बीच असंतुलन, लक्ज़री आवासों पर अधिक ध्यान, बढ़ती निर्माण लागत तथा जलवायु आपदाएँ (2023 में लगभग 280 अरब अमेरिकी डॉलर का नुकसान)।
मुख्य सिफारिशें- आवास नीति में सरकार की अधिक सशक्त भूमिका<br> - सरकार-निजी क्षेत्र-समुदाय के बीच सहयोग<br> - किफायती किराये के आवासों का विस्तार एवं वित्तीय सेवाओं तक बेहतर पहुंच। <br> - जलवायु-अनुकूल शहरी नियोजन तथा समुदाय-आधारित स्लम उन्नयन कार्यक्रमों को बढ़ावा।

Categories