भारत ने पहला स्वदेशी 350 किलोग्राम थ्रस्ट टर्बोजेट इंजन प्रस्तुत किया।
| मुख्य पहलू | विवरण |
|---|---|
| घटना | भारत के पहले स्वदेशी एक्सपेंडेबल टर्बोजेट इंजन (350 किलोग्राम थ्रस्ट) का अनावरण किया गया। |
| विकसित किया गया | गैस टर्बाइन अनुसंधान प्रतिष्ठान (GTRE), रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा। |
| निर्माता | आज़ाद इंजीनियरिंग (Azad Engineering), हैदराबाद। |
| प्रमुख विशेषताएँ | - 350 किलोग्राम थ्रस्ट श्रेणी का इंजन।<br>- एक बार या अल्पकालिक सैन्य उपयोग के लिए डिज़ाइन किया गया।<br>- कॉम्पैक्ट, विश्वसनीय तथा उच्च गति प्रदर्शन वाला इंजन। |
| उपयोग | - एंटी-शिप मिसाइलें<br>- वायु-से-वायु एवं वायु-से-भूमि मिसाइलें<br>- एंटी-ड्रोन सिस्टम<br>- मानवरहित हवाई वाहन (UAVs)<br>- भविष्य की स्वदेशी मिसाइल परियोजनाएँ |
| महत्त्व | यह स्वदेशी रक्षा क्षमता को सुदृढ़ करेगा तथा रक्षा प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भर भारत (Atmanirbhar Bharat) के लक्ष्य को बढ़ावा देगा। |

