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भारत और किर्गिज़स्तान ने 'मानस और महाभारत' सांस्कृतिक अनुसंधान केंद्र का शुभारंभ किया

भारत और किर्गिज़स्तान ने 'मानस और महाभारत' सांस्कृतिक अनुसंधान केंद्र का शुभारंभ किया
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भारत और किर्गिज़स्तान ने 'मानस और महाभारत' सांस्कृतिक अनुसंधान केंद्र का शुभारंभ किया

पहलूविवरण
घटनाकिर्गिज़स्तान के बिश्केक में 'मानस और महाभारत' अंतरराष्ट्रीय सभ्यता अध्ययन केंद्र (International Centre for Civilizational Studies "Manas and Mahabharata") का उद्घाटन।
आयोजकमानस राष्ट्रीय अकादमी (किर्गिज़स्तान) तथा सेंटर फॉर द स्टडीज़ ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस (CSIR), नई दिल्ली।
उद्देश्यभारत और किर्गिज़स्तान के बीच तुलनात्मक सभ्यता अध्ययन, सांस्कृतिक कूटनीति तथा शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना।
मुख्य फोकस क्षेत्र- भारतीय महाकाव्य महाभारत और किर्गिज़ महाकाव्य मानस का तुलनात्मक अध्ययन। <br> - अंतर्विषयक (Interdisciplinary) अनुसंधान: इतिहास, साहित्य, दर्शन और अंतरराष्ट्रीय संबंध।
प्रमुख लक्ष्य- सभ्यताओं की तुलना, सांस्कृतिक संवाद तथा मानवीय कूटनीति को प्रोत्साहित करना। <br> - यूरेशिया क्षेत्र में अनुसंधान सहयोग, शैक्षणिक आदान-प्रदान और ऐतिहासिक अध्ययन को बढ़ावा देना।
त्रिपक्षीय समझौतेमानस राष्ट्रीय अकादमी, CSIR (नई दिल्ली) तथा किर्गिज़स्तान के सात विश्वविद्यालयों के बीच समझौते हुए, जिनमें किर्गिज़ राष्ट्रीय विश्वविद्यालय (KNU), बिश्केक स्टेट यूनिवर्सिटी (BSU) तथा अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट्रल एशिया (AUCA) शामिल हैं।

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