भारत ने कांडला में पहला बंदरगाह-आधारित ई-मेथनॉल संयंत्र शुरू किया
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| घटना | कांडला (दीनदयाल बंदरगाह), गुजरात में भारत की पहली बंदरगाह-आधारित ई-मेथनॉल उत्पादन सुविधा की आधारशिला रखी गई। |
| उद्देश्य | स्वच्छ समुद्री परिवहन को बढ़ावा देने के लिए जहाजों हेतु हरित ईंधन का उत्पादन। |
| उपयोग की गई तकनीक | नवीकरणीय बिजली का उपयोग करके हरित हाइड्रोजन और कैप्चर किए गए CO₂ से ई-मेथनॉल (इलेक्ट्रो-मेथनॉल) का उत्पादन। |
| महत्व | कम-कार्बन वाले समुद्री ईंधनों को बढ़ावा देता है और जहाजरानी क्षेत्र में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने में सहायक है। |
| ग्रीन हाइड्रोजन हब | राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (कांडला) को ग्रीन हाइड्रोजन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। |

