लेह, लद्दाख में भारत का पहला पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क
| घटना | विवरण |
|---|---|
| स्थान | सिंधु घाट, लेह, लद्दाख |
| आधिकारिक शुभारंभ | विश्व धरोहर दिवस पर लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना द्वारा शिलान्यास |
| उद्देश्य | प्राचीन शिलाचित्रों (पेट्रोग्लिफ्स) के संरक्षण हेतु भारत का पहला पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क स्थापित करना |
| खतरे | पर्यटन, अवसंरचना विकास और पर्यावरणीय कारक |
| महत्व | लद्दाख में लगभग 400 पेट्रोग्लिफ स्थल हैं, जो इसे दक्षिण और मध्य एशिया के सबसे समृद्ध शैल कला क्षेत्रों में से एक बनाते हैं |
| कार्यान्वयन | पुरालेख, पुरातत्व और संग्रहालय विभाग तथा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर |
| सांस्कृतिक महत्व | पेट्रोग्लिफ्स "खुले संग्रहालय" के रूप में कार्य करते हैं, जो प्रागैतिहासिक से ऐतिहासिक काल तक मानव सभ्यता का दस्तावेजीकरण करते हैं |

