आईएनएस महेंद्रगिरि भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े में शामिल हुआ
| मुख्य पहलू | विवरण |
|---|---|
| घटना | आईएनएस महेंद्रगिरि (F38), प्रोजेक्ट 17A की छठी एवं अंतिम स्टेल्थ फ्रिगेट, को 11 जुलाई 2026 को विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े (Eastern Fleet) में शामिल (कमीशन) किया गया। |
| कमीशनिंग | रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे भारतीय नौसेना में शामिल किया। यह भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता तथा आत्मनिर्भर भारत पहल की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। |
| प्रोजेक्ट 17A का परिचय | - प्रोजेक्ट 17 (शिवालिक श्रेणी) का उन्नत संस्करण। <br> - मुख्य फोकस: उन्नत स्टेल्थ तकनीक, स्वचालन (Automation), उच्च उत्तरजीविता (Survivability) तथा नेटवर्क-केंद्रित युद्ध (Network-Centric Warfare) क्षमता। |
| मुख्य विशेषताएँ | - स्टेल्थ क्षमता: कम रडार, ध्वनि (Acoustic) एवं ऊष्मीय (Heat) संकेत। <br> - स्वचालन: कम चालक दल (Crew) पर निर्भरता। <br> - युद्ध क्षमता: वायु-रोधी, सतह-रोधी, पनडुब्बी-रोधी तथा इलेक्ट्रॉनिक युद्ध (Electronic Warfare) संचालन में सक्षम। |
| संचालन संबंधी भूमिकाएँ | समुद्री सुरक्षा, खोज एवं बचाव (Search & Rescue), मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR), टोही (Reconnaissance) तथा हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) और उससे आगे समुद्री संचार मार्गों (Sea Lines of Communication - SLOC) की सुरक्षा। |

