कर्नाटक ने किसानों के लिए 'कृषि अरण्य प्रोत्साह योजना' (Krushi Aranya Protsaha Yojane) कृषि-वनीकरण पहल शुरू की।
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | कर्नाटक कृषि अरण्य प्रोत्साह योजना (Karnataka Krushi Aranya Protsaha Yojane) |
| उद्देश्य | कृषि-वनीकरण (Agroforestry) को बढ़ावा देना, हरित आवरण (Green Cover) में वृद्धि करना, किसानों की आय बढ़ाना तथा सतत कृषि (Sustainable Agriculture) को प्रोत्साहित करना। |
| प्रमुख विशेषताएँ | - पौधों के जीवित रहने (Sapling Survival) के आधार पर 3 वर्षों तक वित्तीय प्रोत्साहन।<br>- किसान इमारती लकड़ी (Timber), फल, पशु चारा (Fodder) तथा अन्य वन उत्पाद उगा सकते हैं।<br>- प्रति हेक्टेयर 400 पेड़ लगाने की अनुमति। |
| पात्र वृक्ष प्रजातियाँ | हेब्बेवु (Hebbevu), चंदन (Sandalwood), सागौन (Teak) तथा वन विभाग द्वारा अनुमोदित अन्य प्रजातियाँ। |
| अपात्र वृक्ष प्रजातियाँ | यूकेलिप्टस (Eucalyptus), बबूल (Acacia), सिल्वर ओक (Silver Oak), कैसुआरीना (Casuarina), नारियल (Coconut), सुपारी (Arecanut), कलमयुक्त आम (Grafted Mango), खट्टे फल (Citrus) की प्रजातियाँ आदि। |
| पात्रता मानदंड | - कर्नाटक का निवासी होना आवश्यक।<br>- स्वयं की कृषि भूमि वाला किसान होना चाहिए।<br>- योजना के दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। |

