वित्तीय वर्ष 2025–26 में 26 जीआई टैग प्राप्त कर मध्य प्रदेश देश में शीर्ष पर रहा।
| मुख्य पहलू | विवरण |
|---|---|
| कुल जीआई पंजीकरण (2025–26) | वित्तीय वर्ष 2025–26 में देशभर में 125 नए भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्रदान किए गए, जिससे भारत में पंजीकृत जीआई उत्पादों की कुल संख्या 822 हो गई। |
| सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य | • मध्य प्रदेश: 26 नए जीआई टैग (2025–26 में सर्वाधिक)। प्रमुख उत्पाद – खजुराहो स्टोन क्राफ्ट, बैतूल भरैवा धातु शिल्प, ग्वालियर पेपर माशे शिल्प, सिताही कुटकी, बैगानी अरहर तथा छत्रिया धान।<br><br>• पश्चिम बंगाल: 24 नए जीआई टैग (दूसरा स्थान)। प्रमुख उत्पाद – जलभरा संदेश, शांतिनिकेतन बाटिक, कृष्णनगर क्ले डॉल्स तथा बंगालर नोलेन गुड़।<br><br>• झारखंड: 11 नए जीआई टैग। प्रमुख उत्पाद – तसर सिल्क साड़ियाँ, डोकरा शिल्प, कुचाई सिल्क तथा जादुपटिया चित्रकला। |
| ऐतिहासिक रूप से सर्वाधिक जीआई पंजीकरण वाले राज्य | उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के पास ऐतिहासिक रूप से सर्वाधिक जीआई पंजीकरण हैं। |
| प्रमुख सहयोगी संस्थाएँ | • पश्चिम बंगाल: WBNUJS में DPIIT चेयर ने राज्य के आधे से अधिक नए जीआई पंजीकरणों को सुगम बनाया।<br>• झारखंड: झारक्राफ्ट (JHARCRAFT) ने जीआई पंजीकरण प्रक्रिया में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। |

