पुरी का श्री जगन्नाथ मंदिर
- 11.78 मीटर की ऊँचाई और 8.79 मीटर x 6.74 मीटर की चौड़ाई वाला रत्न भंडार श्री जगन्नाथ मंदिर के जगमोहन के उत्तरी भाग में स्थित है।
श्री जगन्नाथ मंदिर:
- श्री जगन्नाथ मंदिर, जिसे श्रीमंदिर के नाम से भी जाना जाता है, ओडिशा के पुरी में स्थित है।
- इसका निर्माण गंग वंश के अनंतवर्मन चोडगंगा देव के शासनकाल के दौरान हुआ था और इसका क्षेत्रफल 10.734 एकड़ है।
- मंदिर दो दीवारों मेघनाद प्राचीर (बाहरी दीवार) और कुरुमा प्राचीर (आंतरिक घेरा) से घिरा हुआ है।
मंदिर के चार द्वार:
- सिंह द्वार: पूर्व दिशा में स्थित यह मुख्य प्रवेश द्वार है। पारंपरिक रूप से माना जाता है कि यह भक्तों को मोक्ष प्रदान करता है।
- व्याघ्र द्वार: पश्चिम में स्थित यह द्वार 'धर्म' (कर्तव्य और धार्मिकता) का प्रतीक है।
- हस्ति द्वार (हाथी द्वार): उत्तर दिशा में स्थित यह द्वार समृद्धि का प्रतीक है।
- अश्व द्वार: दक्षिण में स्थित यह द्वार 'काम' (इच्छा) का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें प्रवेश के लिए वासनापूर्ण भावनाओं से वैराग्य की आवश्यकता होती है।
प्रीलिम्स टेकअवे
- श्री जगन्नाथ मंदिर
