सारनाथ को वर्ष 2026 में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया, जिससे उत्तर प्रदेश में विश्व धरोहर स्थलों की संख्या चार हो गई।
| मुख्य घटना/विशेषता | विवरण |
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| सारनाथ यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल (2026) | 25 जुलाई 2026 को दक्षिण कोरिया के बुसान में आयोजित यूनेस्को की 48वीं बैठक के दौरान सारनाथ को भारत का 45वाँ यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया। |
| उत्तर प्रदेश में कुल यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल | अब कुल 4 – ताजमहल, आगरा किला, फतेहपुर सीकरी और सारनाथ। |
| सारनाथ का ऐतिहासिक महत्त्व | पवित्र बौद्ध स्थल, जहाँ गौतम बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपना प्रथम उपदेश (धम्मचक्कप्पवत्तन सुत्त) दिया। यहाँ मठ, स्तूप, मंदिर तथा महत्त्वपूर्ण पुरातात्त्विक अवशेष स्थित हैं। |

