वैज्ञानिकों ने ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के लिए बोरोफीन-आधारित हरित स्नेहक (Green Lubricant) विकसित किया।
| श्रेणी | मुख्य विवरण |
|---|---|
| शोध संस्थान | विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में उन्नत अध्ययन संस्थान (Institute of Advanced Study in Science and Technology - IASST), गुवाहाटी, जो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (Department of Science and Technology - DST) के अंतर्गत एक स्वायत्त संस्थान है। |
| नवाचार | अरंडी के तेल (Castor Oil) में उच्च-प्रदर्शन स्नेहक योजक (High-performance Lubricant Additive) के रूप में बोरोफीन (Borophene) (एक द्वि-आयामी नैनो पदार्थ - 2D Nanomaterial) का विश्व में पहली बार उपयोग। |
| महत्त्व | घर्षण (Friction) और घिसाव (Wear) को कम करता है, जो औद्योगिक मशीनरी में ऊर्जा हानि (Energy Loss) और उपकरणों की विफलता (Equipment Failure) के प्रमुख कारण हैं। |
| अनुप्रयोग | नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियाँ (Renewable Energy Systems), समुद्री अभियांत्रिकी (Marine Engineering), सतत विनिर्माण (Sustainable Manufacturing) तथा हरित स्नेहन प्रौद्योगिकियाँ (Green Lubrication Technologies)। |

